अंगूर की खेती कैसे करते है और अंगूर की खेती से जुड़ी जानकरी, पूरा पढ़े

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अंगूर जो खाने में खट्टा और मीठा भी होता है। अंगूर के ऊपर एक कहावत भी है “अंगूर खट्टे है.” अंगूर को पसंद करने वाले और खाने वाले पुरे दुनिया में काफी लोग है। इसके अलावा अंगूर की खेती (angoor ki kheti) करने वाले काफी किसान है।

अंगूर की खेती भारत में काफी लम्बे समय से किया जा रहा है। इस खेती में किसान काफी पैसा लेते है। अंगूर की खेती में जितना पैसा लगाया जाए उससे दुगना पैसा अंगूर की खेती से आ सकता है। अगर मौसम साथ दे तो।

काफी बार मौसम ऐसा भी देखने को मिलता है जब अंगूर की खेती काफी बर्बाद हो जाती है। इसके अलावा भी अंगूर की खेती (angoor ki kheti) भारत में काफी सफल खेती में से एक है।

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अगर बात करे अंगूर के खेती के नुकसान के बारे में तो अंगूर की खेती (angoor ki kheti) काफी कम बारब ही बर्बाद होता है। इसके साथ ही साथ कम आपको बता दे कि हर प्रकार के खेती में नुकसान होने की आशंका बनी होती है।

कोई भी किसान खेती इसलिए करता है ताकि कुछ मुनाफा हो सके। काफी खेती ऐसे भी होती है जिसमे काफी लागत और मेहनत लगता है फिर भी मुनाफा काफी कम होता है।

पर अंगूर की खेती में लागत और मेहनत से दुगना पैसो का मुनाफा होता है। यह खेती किसान के लिए काफी अच्छी और फायदे मंद खेती होती है।

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अंगूर की खेती करने का तरीका

अंगूर की खेती करने का तरीका
अंगूर की खेती करने का तरीका

अंगूर जो देखने हरा होने के साथ ही साथ खाने में खट्टा और मीठा दोनों ही होता है। तो आखिर इस अंगूर की खेती (angoor ki kheti) कैसे की जाती है। काफी लोग अंगूर की खेती के बारे में नहीं जानते है।

1.अंगूर की खेती के अनुकूल मौसम

अंगूर की खेती भारत के काफी क्षेत्र में होता है। काफी किसान अंगूर की खेती (angoor ki kheti) करते है। पर अंगूर की खेती खेती के लिए अच्छे व अंगूर के पौधे के अनुकूल होना चाहिए।

अगर बात करें भारत की तो भारत में महाराष्ट्र के नासिक में अंगूर की खेती काफी अच्छी होती है। यह का मौसम अंगूर की खेती के लिए बिल्कुल अनुकूल होता है। इसके साथ ही साथ अन्य जगह भी अंगूर की खेती काफी अच्छी होती है।

अगर बात करे दुनिया के सबसे मुख्य देश जहां अंगूर की खेती होती है उसमे भारत देश भी शामिल है।

अंगूर की खेती के लिए न ही काफी ठंड मौसम और न ही काफी गर्म मौसम की जरूरत होती है। अगर ठंड या गर्म मौसम कोई भी ज्यादा हो तो अंगूर की खेती खराब हो सकती है।

तो अगर आप भी अंगूर की खेती करना चाहते है तो आप आपने खेत के आसपास के मौसम को जान ले की यह मौसम अंगूर की खेती के लिया अच्छी है या नहीं।

अंगूर की खेती के मौसम के बारे में जानने की लिए अपने जिला के कृषि विभाग से संपर्क करे। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की वेबसाइट http://upagripardarshi.gov.in/

2.अंगूर की खेती के लिए भूमि

ऐसी मिट्टी जिसमे अच्छी जल निकास होता हो। इसके साथ ही साथ वह मिट्टी उपजाव हो। इसके साथ ही साथ मिटटी की Ph value 6.7 से 7.8 तक की मिट्टी इस खेती के लिए काफी अच्छी होती है।

अगर ऐसी मिट्टी या भूमि में अंगूर की खेती की जाए तो काफी अच्छी खेती हो सकती है।

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3.अच्छा अंगूर की प्रजाति

अंगूर की खेती (angoor ki kheti) के लिये काफी के अंगूर के प्रजाति आते है। कुछ अंगूर खाने में मीठे होते है तो कुछ खट्टे तो कुछ अंगूर खट्टे-मीठे दोनों होते है। तो अंगूर की खेती करने के लिए एक अच्छे अंगूर के नस्ल या प्रजाति को चुनना काफी जरुरी होता है।

वैसे काफी लोग सोचते है कि मीठे अंगूर की फायदे मंद होता है। पर इस समय ऐसा नहीं अन्य प्रकार के अंगूर की मांग भी काफी देखने को मिलती है।

तो अंगूर की खेती करने से पहले एक अच्छे अंगूर की नस्ल को चुने।

4.अंगूर की खेती को सहारे की जरूरत

अगर आपने अंगूर के पौधे को नहीं देखा है तो हम आपको बता दे कि अंगूर का पौधा लता के जैसा होता है। इस पौधे को जमीन पर छोड़ देने से अच्छी खेती नहीं हो सकती है।

इसके लिए अंगूर के पौधे को बॉस के जरिये ऊपर किया जाता है। अभी बॉस के जगह पर काफी किसान लोहा के पाईप का प्रयोग करते है।

इन बांस को इस तरह से बांधा जाता है जिससे अंगूर के पौधे के काफी आसानी से ऊपर की और चढ़ाया जा सकता है।

5.अंगूर की खेती का समय

अंगूर की खेती (angoor ki kheti) में खेती को शुरू करने के बाद से अंगूर को आने में लगभग 110 दिनों का समय लग जाता है। यह समय कम ज्यादा भी हो सकते है। यह अंगूर के नस्ल और मौसम पर निर्भर करता है।

अंगूर की फसल पूरे साल भर में बस एक बार ही होती है।

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