Home Agriculture गोभी की खेती को कैसे किया जाता है और गोभी की...

गोभी की खेती को कैसे किया जाता है और गोभी की खेती को कैसे कर सकते है

0

काफी लोग गोभी की खेती (gobhi ki kheti) करते है तो वही काफी लोग को गोभी की खेती (gobhi ki kheti) के बारे में जानकारी नहीं होती है। गोभी एक सब्जी होता है। वैसे बाजार में गोभी के दो प्रकार देखने को मिलते है। पहले प्रकार के गोभी को फूल गोभी कहते है यह गोभी देखने में फूल जैसी होती है। जो दूसरी गोभी होती है उसे पत्ता गोभी कहते है।

गोभी पत्ता देखने में गोल होता है पूरा गोला पत्ता से भरा होता है। इसलिए ऐसे पत्ता गोभी कहते है। गोभी पत्ता देखने में गोल होता है पूरा गोला पत्ता से भरा होता है।

इसलिए ऐसे पत्ता गोभी कहते है। पत्ता गोभी को काफी तरह के फास्ट फूड में प्रयोग होता है। जैसे कि अंडा रोले में। पर काफी विशेषज्ञ पता गोभी को कच्चा खाने से मना भी करते है।

गोभी के सेहत पर काफी असर देखने को मिलते है। गोभी को खाने के काफी फायदे भी होते है। गोभी को खाने वाले भारत के अलावा काफी अन्य देशो में भी है। अन्य देशो में भी गोभी की खेती की जाती है।

यह भी पढ़े: गन्ना की खेती कैसे करे

गोभी की खेती को कैसे करे Gobhi ki kheti kaise kare

gobhi ki kheti kaise kare गोभी की खेती कैसे करे

तो अब हम समझेंगे कि आखिर कैसे गोभी की खेती (gobhi ki kheti) की जाती है और हम कैसे गोभी की खेती कर सकते है। भारत में गोभी की खेती काफी लम्बे समय से होता आ रहा है।

यह भी पढ़े: टमाटर की खेती के फायदे और टमाटर की खेती को कैसे शुरू करे

गोभी की खेती के लिए मिट्टी

गोभी की खेती के लिए मिट्टी काफी तरह की मिट्टी का प्रयोग होता है। गोभी के फसल आने के समय के हिसाब से भी काफी तरह की मिट्टी का प्रयोग होता है। गोभी की खेती काफी तरह के मिट्टी में काफी आसान से हो जाता है।

जल्दी गोभी के फसल के लिए रेतीली दोमट मिट्टी का प्रयोग होता है इसके अलावा देर गोभी के खेती (gobhi ki kheti) के लिए चिकनी दोमट मिट्टी का प्रयोग होता है।

अगर बात करें मिट्टी के pH value की तो यह value 6 से 7 के बिच में होनी चाहिए। यह वैल्यू गोभी के अच्छे खेती के लिए सही होता है। pH value को बढ़ाने के लिए चुना का भी प्रयोग होता है।

Advertisements

गोभी के प्रजाति का चुनाव

जो दूसरा काम होता है गोभी की खेती करने के लिए वह है एक अच्छे गोभी के प्रजाति का चुनाव। वैसे तो काफी गोभी के प्रजाति होते है।

सभी को कर पाना काफी कठिन हो सकता है। दूसरा कारण यह भी होता है कि कुछ गोभी के बाजार में दाम काफी अच्छे होते है तो कुछ के कम।

वैसे तो गोभी के मुख्य दो प्रकार के होते है एक फूल गोभी तो दूसरी पत्ती गोभी।

खेत को तैयार करें

गोभी की खेती करने के लिए सबसे पहले खेत को जोतना होता है। फिर उसमे जरूरत हो तो पानी चलना होता है। जब खेत की जमीन में कुछ नमी हो जाए तो उसमे खेड़े बना।

अगर बात करे खेड़े के बारे में तो खेड़ा खेत के जमीन से कुछ जमीन को लेकर करीब 10 से 15 या इससे कम बेसी भी हो सकता है।

इस खेड़ा में ही गोभी के पौधे लगाए जाते है। अगर ज्यादा पानी हो जाए तो गोभी की खेती (gobhi ki kheti) खराब हो सकती है। यह खेड़ा गोभी को खेत के ज्यादा पानी से बचता है।

खाद

गोभी के पौधे को लगाने से पहले खेत में खाद डाला जाता है। ज्यादा तर गोभी के पौधे को लगाने से पहले गाय-भैस का गोबर और बकरी का मल डाला जाता है।

इसके बाद जब गोभी के पौधे को लगा दिया जाता है तो उसमे काफी तरह के खाद डाला जाता है। खाद जैसे कि नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश डाला जाता है।

यह भी पढ़े: मिर्ची के खेती से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

बीमारी से बचाए

गोभी के खेती (gobhi ki kheti) में काफी तरह के बीमारी भी देखने को मिलते है। यह गोभी की खेती को काफी हद तक बर्बाद कर सकते है। इससे बचने के लिए गोभी में होने वाली बीमारियों को समझे।

Advertisements

गोभी के बीमारी को समझने के लिए जिला कृषि विभाग से सम्पर्क करे। वहा से आपको अच्छी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा खेती में होने वाली बीमारी के लिए एक अच्छे खेती के डॉक्टर से सम्पर्क करे।

इंतजार करें

किसी भी तरह के खेती के लिए कुछ समय जरूर इंतजार करना होता है। उसी प्रकार गोभी के खेती के लिए आपको कुछ समय का इंतजार करना होगा। जब गोभी उग जाए तो बस आपको इंतजार ख़त्म।

यह भी पढ़े: फूलों की खेती को कैसे शुरू करे

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version