watermelon farming guide for India farmer in Hindi भारत में किसान के लिए तरबूज की खेती की जानकारी हिंदी में

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watermelon farming का मतलब हिंदी में तरबूज की खेती होता है। तरबूज एक ऐसा फल होता है जिसमे करीब 92% पानी होता है। यह फल खाने में मीठा होने के साथ ही साथ स्वादिस्ट होता है। तरबूज स्वस्थ के लिए काफी अच्छा होता है। तरबूज में विटामिन ए, बी 6 और सी, पोटैशियम के साथ और भी तत्व भी होते है जो हमारे स्वस्थ के लिए काफी जरुरी होते है।

भारत में तरबूज की खेती काफी लम्बे समय से होते आ रहे है। काफी लोग तरबूज की खेती(watermelon farming) करते है। कुछ किसान तरबूज की खेती को इसलिए करते है ताकि वह खेती के अलावा इससे भी पैसे भी कमा सके। यह खेत एक मौसम में ही होती है। पर काफी किसान साल में एक बार खेती कर के watermelon farming से काफी पैसे कमा लेते है।

अगर बात करे की तरबूज की खेती भारत में सफल है या नहीं तो। तरबूज की खेती(watermelon farming) भारत में काफी सफल है। इस खेती को करके काफी किसान और अन्य लोग भी पैसे कमा रहे है। यह खेती इस लिए सफल है क्योंकी तरबूज की मांग भारत में काफी अच्छी है। इसके मांग के पीछे तरबूज के स्वस्थ पर पड़ने वाले फायदे भी है।

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तरबूज की खेती के बारे में

अगर आप भी चाहते है की आप अपना खुद का तरबूज की खेती(watermelon farming) शुरू करना चाहते है तो आज हम आपको कुछ तरबूज की खेती के बारे में खास बताने वाले है। यह तरीके काफी सफल और असरदार है यदि आप तरबूज की खेती करते है या करने वाले है।

watermelon farming: मिट्टी

अगर बात करें तरबूज के मिट्टी बारे में तो तरबूज के लिए काली मिट्टी या रेतीली मिट्टी काफी अच्छी होती है। इसके आलावा इस मिट्टी में पानी को रखने की छमता काफी होता है।

ऐसे मिट्टी में वह सब तत्व होते है जो तरबूज के खेती के लिए जरुरी माने जाते है। हम आपको बता दे कि अगर एक जमीन पर तरबूज की खेती(watermelon farming) कई बार की जाए तो तरबूज की फसल अच्छी नहीं हो पाती है। इस लिए उस मिटटी पर अगल अलग तरह की खेती करना काफी जरुरी होता है।

तरबूज की खेती करने के लिए मिट्टी की PH value 6.0 से 7.0 तक होना जरुरी होता है। अगर मिट्टी कि PH value भी रहेगी तो भी कोई दिकत नहीं होगी।

तरबूज की खेती के लिए जलवायु

Climate for melon farming
Climate for melon farming

तरबूज के पौधे को गर्मी की काफी जरूत होती है। इसलिए तरबूज की खेती के लिए सबसे अच्छा मौसम गर्मी का होता है। हम आपको बता दें कि भारत के कुछ ऐसे प्रदेश है जहा पर हर साल तरबूज की खेती होती है। यह इसलिए क्योंकि वह हमेशा गर्मी रहती है। वह प्रदेश यह है, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश,पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, राजस्थान और तमिलनाडु। यह खेती ठंड में अच्छी नहीं हो पाती है।

watermelon farming: तरबूज के प्रजाति

अगर आप तरबूज की खेती(watermelon farming) करने के बारे में सोच रहे है तो आपको यह पता होना चाहिए कि तरबूज के कितने प्रजाति होते है। और इनके कैसे फल आते है। तो आज हम आपको इसके बारे में बताते है।

प्रकारविशेषताएँ
Improved Shipperबड़े फल
गहरे हरे रंग की बाहरी त्वचा
Asahi Yamatoमध्यम आकार के फल
6-8 किलोग्राम प्रति फल
95 दिनों में कटाई के लिए तैयार
Sugar Babyप्रत्येक फल का वजन 3-5 किलोग्राम होता है
गहरा गुलाबी मांस
छोटे बीज
छोटे, गोल फल
नीली-काली बाहरी त्वचा
Special No.1छोटा, गोल फल
Arka Manikगोल या अंडाकार आकार का फल
हल्की हरी धारियों वाली हरे रंग की अंगूठी
फलों का वजन औसतन 6 किलोग्राम होता है
पाउडर फफूंदी के लिए प्रतिरोधी
खाने में काफी मीठा
Arka Jyotiगोल, मध्यम आकार के फल
गहरे हरे रंग की धारियां
फलों का वजन 6-8 किलोग्राम होता है
Durgapura Meethaगोल फल
मोटा छिलका
हल्के हरे रंग की त्वचा
गहरा लाल मांस
बीजों में एक काला रंग होता है
स्वाद में मीठा
125 दिनों में फसल के लिए तैयार है
Durgapura Kesarगोल फल
धारियों के साथ हरे रंग का छिलका
पीले रंग का मांस
फलों का वजन 4-5 किलोग्राम होता है
मध्यम मधुरता
बड़े बीज

तो यह कुछ तरबूज के प्रकार होते है। तो आप जब खेती के लिए बीच खरदे तो इन सब बीचो के बारे में जरूर ध्यान रखे।

watermelon farming: पॉलिनेशन

अगर तरबूज के खेती में पॉलिनेशन को अनदेखा किया जाए तो काफी नुकसान होने की संभावना बानी रहती है। तरबूज में एक पास ही मादा और नर फूल होते हुए भी उनमे पॉलिनेशन अच्छे से नहीं हो पाता है। वैसे तो मधुमक्खी इस काम को बड़े अच्छे से करती है लेकिन मधुमक्खी की कमी के कारण पॉलिनेशन सही से नहीं हो पता है।

पॉलिनेशन करने के एक और तरीका होता है। जो आपको खुद से करना पड़े गए। यह तरीका सुबह के समय काफी कारगर साबित होता है। सुबह नर फूल जो देखने में छोटे होते है उनमे से पेटल्स(पंखुड़ियों) निकाल कर मादा फूल पर डालना होता है। यह करने से खेती काफी काफी अच्छी खासी हो जाती है।

watermelon farming: कटाई

Watermelon harvesting
Watermelon harvesting

यदि तने के पास की टेंड्री और पत्ते सूखने लगते है और फलों का रंग सफेद होने लगता है। फल जो जमीन को चुने लगता है और पीला हो जाता है। तो अब फलो को काटने का समय आ चूका है।

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