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मार्केटिंग क्या होती है हिंदी में Marketing in Hindi

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प्रतिस्पर्धा के इस नए दौर में किसी भी व्यवसाय को सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए मार्केटिंग का सहारा लेना अति आवश्यक बन गया है।

आज हम आपको समझाएंगे मार्केटिंग के बारे में और वह भी आपकी अपनी भाषा हिंदी में।

मार्केटिंग क्या होती है हिंदी में Marketing in Hindi

वर्तमान समय में किसी भी प्रगतिशील अर्थव्यवस्था में दो तरह की कंपनियां होती है एक वह कंपनी जो अपने सामान की खरीद और बिक्री करती है और दूसरी वे कम्पनियां जो अपनी सेवा की खरीद और बिक्री करती हैं।

उदाहरण के लिए समझ सकते हैं कि जैसे एक मोबाइल फोन निर्माण करने वाली कंपनी अपने फ़ोन यानी कि सामान (goods) का विक्रय करना चाहती है, जबकि एक ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान करने वाली कंपनी जैसे कि unacademy अपनी सेवा (service) को लोगों तक पहुंचाना चाहती है।

यह भी जानें: network marketing in hindi

Definition of marketing in Hindi

मार्केटिंग का तात्पर्य होता है कि किसी भी कंपनी के द्वारा किया गया ऐसा कोई भी काम जो उस कंपनी की खरीदी और बिक्री को प्रभावित करें, मुख्यतया उसमें बढ़ोतरी करे।

लोकप्रिय पत्रिका द न्यूयॉर्क टाइम्स ने मार्केटिंग को इस प्रकार परिभाषित किया है “यह कहानी सुनाने की एक कला होती है जो लोगों को अपनी जेब खाली करने के लिए मजबूर कर देती है “

यदि अभी भी आपको समझ नहीं आया कि Marketing kya hai तो आपको एक सीधे से उदाहरण के माध्यम से समझाते हैं।

मान लीजिए आप की एक कंपनी है जो कि मोबाइल फोन का निर्माण करती है अब आप बड़े सेलिब्रिटी और अलग प्रकार के यूनिक विज्ञापन का उपयोग कर अपनी कंपनी की इमेज को लोगों के सामने इस तरीके से प्रस्तुत करते हैं कि एक बार आपके फोन को खरीदने के लिए मजबूर हो जाए, यदि बाद में आपके फोन की सेवा उनको पसंद आती है तो वह आपकी कंपनी का दूसरा फोन भी खरीद सकते हैं।

किसी भी नई कंपनी के उद्भव के पीछे मार्केटिंग एक बहुत बड़ा योगदान पेश करती है।

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Importance of marketing in Hindi

आखिर मार्केटिंग का महत्व क्या होता है

प्रतिस्पर्धा के दौर में बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी भी पुरानी कंपनियों में लोगों के द्वारा जताए गए विश्वास के सामने compete नहीं कर पाती है , इसी कारण नई कंपनी मार्केटिंग का सहारा लेकर अपने सामान को लोगों तक पहुंचाती है।

मुख्यतया मार्केटिंग दो प्रकार की होती है बिजनेस टू बिजनेस ( B2B ) मार्केटिंग और बिजनेस टू कंजूमर (B2C) मार्केटिंग ।

मार्केटिंग की कुछ और पहलू भी होते हैं जिनमें Digital मार्केटिंग , Affiliate मार्केटिंग,Bussiness मार्केटिंग और E-मार्केटिंग तथा Chain मार्केटिंग शामिल होती है।

Digital Marketing in Hindi

डिजिटल मार्केटिंग ई-मार्केटिंग का ही एक दूसरा रुप होता है। इसमें भी कंपनी का प्रचार-प्रसार करने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है।

Affiliate Marketing kya hai

एफिलिएट मार्केटिंग में भी डिजिटल माध्यम का ही इस्तेमाल किया जाता है परंतु इसमें कम पैसे खर्च करके कंपनी अपने व्यापार को बढ़ाती है यह एक तरीके से Performance-based Marketing होती है, जिसमें एक कंपनी एक या एक से अधिक एफिलिएट्स बनाती है और उन एफिलिएट्स के माध्यम से कंपनी के सामान की बिक्री होने पर उनको कुछ कमीशन प्रदान किया जाता है।

E-marketing in Hindi

इसका तात्पर्य होता है कोई भी कंपनी और सेवा प्रदाता अपनी कंपनी की ब्रांडिंग के लिए इंटरनेट तथा कंप्यूटर और मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल करे।

इसके अंतर्गत दो प्रकार की मार्केटिंग आती है एक इंटरनेट मार्केटिंग और दूसरी ऑनलाइन मार्केटिंग, हालांकि सुनने में दोनों एक ही नाम लगते हैं परंतु यह अलग-अलग है।

जानिए ई – मार्केटिंग के कुछ फायदे

▪️आपको अपना टारगेटेड कस्टमर बेस बहुत ही तेज और सस्ते तरीके से प्राप्त हो जाता है।

 ▪️इसके साथ ही इसमें मार्केटिंग कॉस्ट भी बहुत कम लगती है।

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▪️इसके माध्यम से हम केवल एक देश में नहीं बल्कि पूरे विश्व में Geo-Targeting भी कर सकते हैं।

▪️बेहतर मार्केटिंग मैनेजमेंट

Chain marketing

चैन मार्केटिंग नेटवर्क मार्केटिंग का ही एक दूसरा नाम होता है जिसे मल्टी लेवल मार्केटिंग भी कहते हैं।

इसके अंतर्गत एक व्यक्ति कुछ लोगों के संपर्क में होता है और वह कुछ लोग अन्य कुछ लोगों के संपर्क में होते हैं।इस प्रकार एक पिरामिड नुमा चेन का निर्माण होता है, जो कि कंपनी के व्यवसाय में मदद करती है।

Business Marketing in hindi

अन्य प्रकार की मार्केटिंग का इस्तेमाल कोई कंपनी लोगों के प्रति अपने विश्वास को बढ़ाने और उनके मन में कंपनी की इमेज सुधारने के लिए भी कर सकती है, परंतु बिजनेस मार्केटिंग का इस्तेमाल पूर्णतया व्यापार में फायदे के लिए ही किया जाता है।

 हम सब ने जान लिया कि मार्केटिंग कितने प्रकार की होती है और क्या होती है।

अब हम आपको बताएंगे मार्केटिंग के लिए अलग-अलग प्रकार की स्ट्रेटेजी और टिप्स –

Strategy of marketing / Marketing tips in Hindi

अलग-अलग कंपनियों का marketing karne ka tarika अलग अलग होता है, पर किसी भी कंपनी को एक बेहतर मार्केटिंग कंपनी बनने के लिए इन 4 चीजों पर मुख्यतया फोकस करना चाहिए

Price ( कीमत )

ज्यादा से ज्यादा कस्टमर को आकर्षित करने के लिए कंपनी को अपने सामान की कीमत अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में थोड़ी कम रखनी चाहिए।

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Place ( जगह )

किसी भी कंपनी को अपना वर्कशॉप उसी स्थान पर बनाना चाहिए जहां पर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कि बिजली, पानी और परिवहन उपलब्ध हो।

किसी भी क्षेत्र में बेहतरीन परिवहन सुविधाओं का होना अति आवश्यक है, क्योंकि इसी माध्यम से कंपनी को कच्चा माल और ग्राहकों को तैयार किया हुआ माल पहुंचाने में आसानी होती है।

साथ ही बेहतरीन ट्रांसपोर्ट कंपनी के मुनाफे को बढ़ाने के साथ-साथ कस्टमर पर बढ़ने वाले खर्च को भी कम करता है।

Product ( सामान )

अपने प्रतिद्वंद्वियों से तुलनात्मक रूप से सिर्फ कीमत को कम रखना ही काफी नहीं होता, बल्कि आपको अपने मुनाफे को कम करके प्रोडक्ट को भी बेहतर बनाना होता है, नहीं तो यदि आप एक बार मार्केटिंग के सहारे से अपने सामान को बेचने में सफल भी हो जाते हैं तो फिर वह कस्टमर दोबारा आपका सामान खरीदने में रुचि नहीं लेगा।

Promotion ( प्रमोशन )

प्रमोशन के अंतर्गत आप नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे कि ग्राहकों के लिए लॉटरी व्यवस्था और कैशबैक की व्यवस्था और एक सामान खरीदने पर दूसरे सामान में कुछ छूट का प्रावधान किया जा सकता है।

इतना समझने के बाद आपसे एक बात पूछना चाहूंगा

क्या आप सेल्स और मार्केटिंग को एक ही तो नहीं समझते हैं ?

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यदि आप ऐसा समझते हैं तो बताना चाहूंगा यह गलत है क्योंकि सेल्स और मार्केटिंग दो अलग-अलग चीजें होती हैं, आइए जानते है।

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Difference between Sales and Marketing in hindi

सेल्स का मतलब होता है कोई भी कंपनी अपने गुड्स ओर सर्विसेज को बेच चुकी है जबकि मार्केटिंग का मतलब होता है अपने गुड्स और सर्विस को बेचने के लिए लोगों में जागृति लाना अथार्त उन्हें प्रभावित करना।

मार्केटिंग किसी भी कंपनी की उन्नति में पहला पड़ाव होता है, जबकि सेल्स इसका अगला पड़ाव होता है।

मार्केटिंग की सहायता से भी सेल्स में बढ़ोतरी की जा सकती है।

इसे आप एक उदाहरण के माध्यम से समझिए जैसे कि एक मोबाइल कंपनी की सेल्स में वह मोबाइल फोन सम्मिलित होंगे जो वह बेच चुके हैं जबकि मार्केटिंग में वह फ़ोन आएंगे जो कि प्रचार प्रसार के माध्यम से भविष्य में बिकने की संभावना है।

इस प्रकार आज हमने जाना कि मार्केटिंग क्या होती है , कितने प्रकार की होती है और किसी भी नई कंपनी के लिए मार्केटिंग का योगदान क्या होता है।

ऊपर लिखे आर्टिकल को पढ़ने के बाद भी यदि आपके मन में कोई सवाल है तो हमसे जरूर पूछें।

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