अच्छा बोलने का टिप्स और तरीका हिंदी में speaking tips and method in Hindi

बोलना ही काफी जरुरी होता है। हर एक इंसान को बोलने की आजादी है। लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है जब किसी ऐसे जगह पर बोलना होता है जहा काफी लोग मौजूद होते है। या फिर कभी ऐसा भी होता है जब ऐसे लोग के सामने बोलना या बात करना होता है, जिसके सामने बोलने की हिम्मत नहीं होती है।

ऐसी परिस्थिति में मुँह से कुछ नहीं बोल पाते है और पैर हाथ काँपने लगता है। ऐसे समय में समझ नहीं आता है कि कैसे बोले? चलिए इस पोस्ट में हम बोलने के तरीके और टिप्स (bolne ka tarika aur tips in hindi) को जानते है। हम जानेगे की कैसे बोलते है और बात करते है।

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बस बोलना शुरू कर दे

बोलने के समय पर बस आपके मन में जो भी आए उसे बोलना शुरू कर दे। जब कभी भी आप ऐसे जगह पर जाए जहाँ पर आपको बोलना हो उस जगह पर बस बोलना शुरू कर दे। किसी भी चीज़ के बारे में ना सोचे की आप सही बोल रहे है या गलत, बस बोलना शुरू करे। हम आपको यह भी बता दे कि आप इसके बारे में कुछ देर सोच भी सकते है।

कुछ देर में आप सोच ले कि आपको क्या बोलना है और किसके बारे में बोलना है। इसके साथ ही इस बात का ध्यान भी रखे की आपकी बात को कौन सुनने वाला है।

बोलने की तैयारी रोज करे

एक दिन की जीत के लिए हर रोज मेहनत करना पड़ता है। उसी तरह अच्छा बोलने को सीखने के लिए हर रोज बोलने की आदत बनानी होगी। दिन में एक समय को तय कर ले जिस समय पर आपको बोलना सीखना हो।

अगर आप किसी एक दिन मंच पर कुछ बोलना हो तो उसके लिए आप पहले से ही रोज उस टॉपिक के बारे में बोलना शुरू कर दे।

इस तरह से आप उस दिन काफी सही से मंच पर बोल सकते है। जब भी घर पर बोलने को सीखे तो यह मान कर चले कि आप उस स्थान पर बोल रहे है जहाँ आपको बोलना है।

दूसरों के बोलने के तरीके को जाने

कुछ लोग ऐसे भी होते है जिनकी बोली सुनने के लिए लाखो लोग दीवाने रहते है। ऐसे व्यक्ति के भाषण व बात को लोग काफी पसंद के साथ देर तक सुनते है। आपको भी बोलना सीखना हो तो ऐसे लोगो के बोलने के तरीके को ध्यान के साथ सुने।

यह समझने की कोशिश करे कि वह अपनी बात को किसी तरीके से कह रहे है। जब आप उनको ध्यान से सुनना शुरु कर देंगे तो आप बहुत जल्द और कम मेहनत में अच्छा बोलना सीख सकते है।

किसी दूसरे के बोलने के तरीके का नक़ल न करें। बस सीखे कि वह कब किस शब्द का इस्तेमाल कर रहे है, अपनी बात को कितना आसान करके समझा रहे है, आदि।

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लगातार ना बोलते जाए

मंच पर या कहीं भी बोलने का मतलब यह नहीं है कि आप अपने बात को लगातार बोलते जाए। लगातार बोलने से दूसरे व्यक्ति को लगता है कि आप बस रटा (किसी लिखी चीज को पढ़ना) मार रहे है। दूसरे शब्दों में बस आप किसी चीज़ को पढ़ रहे है।

लकिन सही बोलने का टिप्स (bolne ka tips in hindi) होते है कि अपनी बात को बोलते समय कुछ देर रुकना और उसके बाद फिर से बोलना शुरू करना। यह टिप्स आपके बोलने को ऐसा बना देगा कि सुनने वाले आपके बात को सुन और समझ सकते है।

तथ्य और उदाहरण का इस्तेमाल करे

अपनी बात को भरी बनाने और विश्वास से भरपूर बनाने के लिए बोलते समय उदाहरण और तथ्य का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। जब बोलते समय उदाहरण और तथ्य का इस्तेमाल होता है तो दूसरे को जो हमारी बात को सुनने रहे होते है.

उन्हें यह लगता है कि हम सही बोल रहे है और हमने इसके बारे में काफी कुछ रिसर्च किया हुआ है और हमने काफी डेटा भी जमा किया हुआ है।

तो बोलने का यह भी एक टिप्स है कि बोलते समय उदाहरण और तथ्य का उपयोग किया जाए।

मुस्कान के साथ बोलना चाहिए

बोलने के टिप्स और तरीके में यह भी टिप्स शामिल है कि बोलते समय चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान रखी जाए। चेहरे पर मुस्कान के साथ बोलने से हमारे अंदर का काफी डर काम हो जाता है इसके साथ ही दूसरे को भी मुस्कान काफी अच्छी लगती है और दूसरे हमारी बात और बोली को ध्यान के साथ सुनते है।

हमारी मुस्कान के कारण सुनने वाले को लगता है कि हम पूरी तरह से आत्म-विश्वास भरे हुए है।

साफ आवाज में बोलना चाहिए

बोली में आवाज का भी अहम हिस्सा होता है। आवाज को ही दूसरे सुनते है। कभी ऐसा भी देखने को मिलता है कि कुछ लोगो की आवाज काफी अच्छी लगती है तो वही कुछ लोगो की आवाज हमारे कान में चुभती है।

उदाहरण के तौर पर गायकर का आवाज अच्छा लगता है। अपनी बोली को सुधारने के लिए अपनी आवाज को सुधारना जरूरी होता है।

जब आपकी आवाज अच्छी होगी और अगर बोलते समय अगर आपके मुँह से कुछ गलती हो जाए तो भी दूसरे उस चीज़ पर ध्यान नहीं देंगे।

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एक ही बात को लम्बे समय तक ना बोले

कभी ऐसा गलती ना करे कि एक ही बात को लम्बे समय तक बोलते रहे। दूसरे शब्द में एक ही बात को लम्बे समय तक बोलने से दूसरे जो आपकी बात को सुन रहे है उन्हें गुस्सा आने लगता है।

एक बात को एक बार ही बोले, अगर आपको लगता है कि यह बात बहुत जरूरी है तो उसे समझाने की कोशिश करे ना की बार-बार बोले।

आसान तरीके में बोले

बोलने का मुख्य दो तरीका होता है एक वह तरीका होता है जिसमे कठिन से कठिन शब्द का इस्तेमाल किया जाए। वही बोलने के दूसरे तरीके में आसान शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। ताकि हर कोई समझ सके। यह दोनों बोलने के अच्छे तरीके है।

लेकिन ज्यादा तर स्थान पर आसान शब्दों को इस्तेमाल करके बोलना अच्छा होता है। इससे जानकारी के साथ वह लोग भी आपकी बात को समझ पाते है जो उतने जानकार नहीं है।

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अंत में

अच्छा बोलना एक दिन में नहीं सीखा जा सकता है, लेकिन लगातार मेहनत करने से इसे सीखा जा सकता है।

अच्छा बोलने और बात करने के टिप्स को हमने जाना, जिस से आप मंच पर या कही भी किसी के साथ अच्छे से बात कर सकते है।

इस सभी टिप्स और तरीके को इस्तेमाल करे मंच पर बोला जा सकता है।

हम आपको बता दे कि हमारे बोलने का तरीका (bolne ka tarika in hindi) काफी कुछ हमारे बारे में बताता है। इसलिए अच्छा बोलना सीखे ताकि दूसरे आपके बारे में अच्छा जान सके।

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