PM Shri Yojana 2023:- शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा अलग अलग योजनाएं शुरू की जाती हैं। इसी के आधार पर पुराने स्कूलों का उन्नयन और विकास करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 सितंबर 2022 को एक नई योजना शुरू करने की घोषणा की गई है जिसका नाम PM Shri Yojana 2023 है। Prime Minister School for Rising India Yojana पूरे भारत में 14500 पुराने स्कूलों का विकास एवं उन्नयन किया जाएगा एवं उनको मॉडल स्कूलों में तब्दील किया जाएगा। पीएम श्री योजना के अंतर्गत इन नए मॉडल स्कूलों में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी की पूरी भावना समाहित होगी योजना से जुड़ी अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

PM SHRI Yojana 2023
भारत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के छात्र छात्राओ को बेहतर शिक्षा देने के लिए PM श्री योजना का शुभारम्भ किया है। इस योजना का पूरा नाम Prime Minister School for Rising India है। इस योजना के अंतर्गत देश के 14500 पुराने स्कूलों को अपग्रेड किया जायेगा। तथा स्कूलों को अपग्रेड करते समय उन्हें आधुनिक सुन्दर ढांचे , स्मार्ट कक्षाओं , खेल सहित अन्य सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जायेगा। ताकि बच्चो को बेहतर शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य उज्जवल बन सके। तथा अपग्रेड किये गए स्कूलों में एड्मिशनके स्तर में भी बड़ोतरी देखने को मिलेगी।
पीएम श्री योजना के बारे में जानकारी
योजना का नाम | PM SHRI Yojana |
किसने शुरू किया | प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी |
लाभार्थी | स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी |
उद्देश्य | पुराने स्कूलों को अपग्रेड करना एवं नई शिक्षा नीति से जोड़ना |
स्कूलों की संख्या (अपग्रेड होने वाले) | 14,500 |
योजना की घोषणा कब की गई | 5 सितंबर 2022 (Teachers Day) |
बजट | 27,360 करोड़ रूपये |
आवेदन की प्रक्रिया | ऑनलाइन |
ऑफिशल वेबसाइट | https://pmshrischools.education.gov.in/ |
PM SHRI Yojana के तहत 14,500 स्कूलों का होगा अपग्रेडेशन
इस योजना के द्वारा भारत के तकरीबन 14500 पुराने स्कूलों का अपग्रेडेशन होगा। इन पुराने स्कूलों को अपग्रेड करते समय आधुनिक सुंदर ढांचे, स्मार्ट कक्षाओं, खेल सहित अन्य आधुनिक बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। यह सभी स्कूल केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर स्थापित किए जाएंगे। जो देश के सभी राज्यों में स्थापित होंगे। पीएम श्री योजना के तहत 14500 स्कूलों को अपग्रेड करने में आने वाले खर्च को सेंट्रल गवर्नमेंट वहन करेगी। और राज्य सरकार को इस योजना पर अमल करने एवं निगरानी करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस योजना के तहत अपग्रेड किए गए स्कूल के द्वारा से सामान्य नागरिकों के बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने का एक मौका मिलेगा। जिससे उनका भविष्य निखरेगा। एवं वह सभी शिक्षित होकर भारत के विकास में अपनी भागीदारी निभा सकेंगे।
पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए आने वाला खर्च
PM श्री योजना के तहत स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए सरकार द्वारा 27,360 करोड़ रूपए का बजट निर्धारित किया गया है। अपग्रेड करने में आने वाले खर्च को केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। तथा इस योजना की निगरानी रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। आने वाले 5 वर्षो में 14,500 स्कूलों का अपग्रेड किया जायेगा।
PM SHRI Yojana का उद्देश्य
PM श्री योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए भारत के पुराने स्कूलों को अपग्रेड करना हैं। ताकि स्कूलों को नया स्वरूप देकर बच्चो को स्मार्ट शिक्षा से जोड़ा जा सके। तथा छात्र बेहतर शिक्षा पाकर अपना भविष्य उज्जवल बना सके।
पीएम श्री योजना 2023 के लाभ
- PM SHRI Yojana के माध्यम से पूरे भारत में 14500 पुराने स्कूलों को अपग्रेड किया जायेगा।
- इस योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को स्मार्ट शिक्षा से जोड़ने एवं पुराने स्कूलों को एक नया स्वरूप देकर छात्रों का सम्पूर्ण विकास करना है।
- पीएम श्री योजना के संचालन से देशभर के छात्र लाभवंतित होंगे साथ ही स्कूलों के ढांचों को भी सुन्दर बनाया जायेगा।
- इस योजना के अंतर्गत बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
- पीएम श्री योजना से स्कूलों में पढ़ रहे बच्चो को बहुत लाभ मिलेगा और वह अपनी पढाई अच्छी तरीके से पढ़ पाएंग।
PM SHRI Yojana 2023 की पात्रता
- इस योजना के लिए भारत के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे ही पात्र होंगे।
- इस योजना के लिए आपका स्कूल भारत में रजिस्टर होना अनिवार्य है।
पीएम श्री योजना 2023 के अंतर्गत कैसे किया जाएगा स्कूलों का चयन
- PM SHRI Yojana के लिए स्कूलों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्वयं आवेदन करना होगा।

- ऑनलाइन पोर्टल, योजना के पहले 2 वर्षों के लिए हर तिमाही (वर्ष में चार बार) में एक बार खुलेगा।
- इसके बाद सरकारी अधिकारियों की टीम द्वारा भौतिक निरीक्षण किया जाएगा एवं स्कूलों के दावों की पुष्टि की जाएगी।
- योजना के तहत हर ब्लॉक से अधिकतम 2 विद्यालयों (एक प्राथमिक, एक माध्यमिक या वरिष्ठ माध्यमिक) का चयन किया जाएगा।
- पूर्ण निरीक्षण के बाद एक विशेषज्ञ समिति द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- चयनित स्कूलें अपने आसपास के अन्य स्कूलों को भी मार्गदर्शन करेगी।