sales से जुड़ी पूरी जानकारी हिंदी में, Sales in hindi

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दोस्तों आज का समय बदल रहा है व आज के समय मे दुनिया मे बहुत सारे चीजें बिकती है। आज हम इस पोस्ट के माध्यम से बताएंगे कि आखिर सेल्स होता क्या है, सेल्स की परिभाषा क्या है, सेल्स के फायदे क्या है, सेल्स व मार्केटिंग में क्या अंतर है, ऑफलाइन व ऑनलाइन सेल्स क्या है? आदि के बारे में हम इस पोस्ट के माध्यम से विस्तार से जानेंगे। 

जब कभी भी हम सेल्स के बारे में हम बात करते है तब हमारे दिमाग में यह आता है की कुछ प्रोडक्ट या वस्तु बेचना है। यह बिलकुल सही है, किसी चीज को बेचना की प्रक्रिया ही सेल्स या बिक्री कहलाता है।

सेल्स के अलग अलग रूप होते है, व आज के समय मे सेल्स का व्यपाक रूप देखने को मिलता है, तो आइये हम सेल्स के बारे में जानते है।

sales से जुड़ी पूरी जानकारी हिंदी में
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सेल्स की परिभाषा क्या होती है

सेल्स का हिंदी अर्थ होता है बिक्री, लेकिन वास्तव में देखा जाए तो सेल्स वह होता है जिसमे हम किसी प्रोडक्ट को बेच रहे है, लेन देन की प्रकिया होती है जो कि विपणन (Marketing) कहलाता है।

प्राचीन काल मे लोग एक वस्तु के बदले कोई दूसरी वस्तु अदला बदली करके खरीद लेते थे लेकिन आज के समय मे यह बिलकुल अलग है कोई भी वस्तु खरीदना होता है तब उसके लिए कुछ पैसे चुकाने पड़ते है, यह सेल्स का मूल परिभाषा है। सेल्स का परिभाषा यह होता है कि आपको कोई भी वस्तु को सिर्फ और सिर्फ बेचना है प्रॉफिट व लॉस को ध्यान में रखते हुए।

सेल्स क्या होता है (what is sale in hindi)

दो लोगो के मध्य खरीदने व बेचने की प्रक्रिया सेल्स कहलाता है, जिसमें कस्टमर समान सेलर्स (Sellers) से खरीदता है, साथ ही कस्टमर वस्तु के बदले सेलर्स को कुछ मूल्य अदा करता है, यह प्रक्रिया सेल्स कहलाती है।

आपने कभी बाजार गया हो तब देखा होगा कि आप जब भी कोई वस्तु खरीदते है तब उसका एक MRP होता है। आप उस सामान की MRP देकर उस समान को सेलर्स से खरीद लेते है, यही प्रक्रिया सेल्स कहलाता है। 

सेल्समैन किसे कहते है?

कोई भी इंसान जो किसी कस्टमर को कुछ भी समान, फल, या कोई वस्तु बेचता है, उनको सेल्समेन कहते है। किसी भी वस्तु की तभी बिक्री हो सकती है, जब सेल्समैन हो अन्यथा सेल्समैन के बिना कोई भी वस्तु नही बिकता है।

कोई कंपनी कितना भी प्रोडक्ट का उत्पादन कर ले, जब तक वह दुकान में सेल्समैन के पास नही आता है। तब तक उसका बिक्री नही होगा। किसी प्रोडक्ट को बेचने वाला सेल्समैन जितना कुशल होगा, उस प्रोडक्ट की ब्रांडिंग और मजबूत होता है।

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सेल्स के क्या फायदे है

1.सेल्स के माध्यम से हम कम पैसे लगाकर अधिक पैसे कमा सकते है वह भी कम समय मे।

2. कोई भी सेल्स को कम पैसे इन्वेस्ट करके स्टार्ट कर सकते है। 

3. सेल्स के लिए किसी तरह का पढ़ाई या डिग्री का होना जरूरी नही होता है बस आपको मार्केटिंग का ज्ञान होना चाहिए। 

4.सेल्स में आप अपने तरफ से MRP के अनुरूप समान का बिक्री कर सकते है, तो आपको फायदा होगा।

5. सेल्स में नियमित वस्तु का बिक्री होता है तो आप आज के समय मे घाटे में जाने का सोच नही सकते है। 

6. सेल्स में हमेशा आपके ग्राहक का फायदा होगा।

7.सेल्स में नए-नए लोगो से मिलने का मौका मिलता है।

ऑनलाइन सेल्स क्या होता है

आज के समय मे कोई भी सामान ऑनलाइन अधिक बिक्री हो रहा है क्योंकि लोग ऑनलाइन शॉपिंग पसन्द करते है। ऐसे में यदि आप भी अपना प्रोडक्ट ऑनलाइन बेचना चाहते है तब आप किसी भी e-commerce कंपनी में अपना sellers account बनाकर वस्तु बेच सकते है।

या फिर आप अपना खुद का वेबसाइट बनाकर सामान बेंच सकते है। किसी वस्तु की e-commerce या किसी website के माध्यम से बेचने की प्रक्रिया online sale कहलाता है, आज के समय मे इसका डिमांड बहुत अधिक है।

सेल्स के कितने प्रकार है

सेल्स दो तरह के होता है एक आंतरिक सेल्स (Internal sales) व दूसरा बाहरी सेल्स(External sales)। दोनों में थोड़ा ही अंतर लेकिन दोनों में सामान ही बेचना होता है।

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आतंरिक सेल्स (Internal sales) में छोटे-बड़े दुकान, शॉपिंग मॉल व शो रूम होता है, जहाँ ग्राहक सामान खरीदने खुद से आता है। वही बाहरी सेल्स में ग्राहक के पास जाकर सामान बेचना होता है, आप इसे e-commerce selling, online selling कह सकते है।

सेल्स व मार्केटिंग में अंतर क्या है

वास्तव में यदि कोई छोटे इकाई (Unit) में अपना प्रोडक्ट बेचता है तो उसे सेल्स व मार्केटिंग दोनों अपने से करना होता है लेकिन बड़े कंपनी या शो रूम में दो पार्ट अलग अलग sales and marketing होता है, ये दोनों सिस्टमेटिक रूप से organized होते है। 

Sales – सेल्स का काम होता है ग्राहक के लिए high quality का प्रोडक्ट उपलब्ध कराना होता है, साथ ही इनको अपने टारगेट पूरा करने में ध्यान देना होता है।

पूरी तरह से इनका अपना काम वस्तु को बेचना होता है। जब कोई भी ग्राहक आता है, उसे अपने वस्तु के फायदे बताकर ईमानदारी से बेचना होता है।

Marketing – इसका काम होता है, जो सेल्स कर रहे है उनके वस्तु का ब्रांडिंग करना साथ ही वस्तु का प्रचार-प्रसार करना।

वस्तु के बारे में ग्राहक को डिटेल्स में explain करना कि वस्तु कितना फायदेमंद है। marketing के लिए दो तरह का advertisement होता है एक घर घर मे जाकर दुसरा online marketing, मार्केटिंग डिपार्टमेंट वाले वस्तु का ads पूरे अच्छे तरह से करता है। तब जाकर कोई वस्तु बिकता है।

अंत में

आज हमने जाना कि सेल्स क्या होता है? हमने सेल्स और सेल्स से जुडी जानकारी को अच्छे से जानने की कोशिश किया। यह जानकारी हमें सेल्स में काफी मदद करेंगे। यह जानकारी आपको कैसी लगी आप हमें जरूर बताए।

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नमस्ते, मेरा नाम sohail है। मुझे बिज़नेस के बारे में लिखा पसंद है। मैंने खुद भी business किया है। मुझे बिज़नेस करने के लम्बे समय का ज्ञान है। मुझे बिज़नेस का ज्ञान बिज़नेस के किताब को पढ़ने से आता है। Email Id: [email protected]

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